म्यूचुअल फंड के कितने प्रकार होते हैं?

चलिए जानते हैं कि म्यूचुअल फंड के कितने प्रकार होते हैं ( mutual fund kitne prakar ke hote hain )? म्यूचुअल फंड को आमतौर पर निवेश के लक्ष्य के आधार पर बांटा जाता है;

Mutual fund निवेशकों को एक साथ कई जगह पर निवेश करने और फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट के एक विस्तृत पोर्टफोलियो में निवेश करने की पूरी आज़ादी देता हैं। 

यही नहीं यह निवेशकों को एक खास लक्ष्य तक पहुंचने के लिए उनके इंवेस्टमेंट को अलग-अलग और प्रभावी ढंग से मैनेज करने की अनुमति देता है।

म्यूचुअल फंड के कितने प्रकार होते हैं?

चलिए जानते हैं कि‌ म्यूचुअल फंड के कितने प्रकार होते हैं(Mutual Fund Ke Kitne Prakar Hote Hain)?

पहला – इक्विटी फंड – इक्विटी फंड अलग-अलग कंपनी के शेयरों में निवेश करता है; इक्विटी फंड के कई प्रकार होते हैं; जैसे, लार्ज-कैप, मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड। 

लार्ज-कैप फंड बड़े और अच्छी तरह से स्टेब्लिश्ड बिजनेस में निवेश करते हैं; जबकि मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड छोटे और कम स्टेब्लिश्ड बिजनेस में निवेश करते हैं; इक्विटी फंड आमतौर पर ज्यादा रिस्क और हाई रिटर्न के साथ जुड़े होते हैं।

दूसरा – डेट फंड – ये फंड बॉन्ड में निवेश करते हैं, जो उधारकर्ताओं से उधार ली गई धनराशि होती है; डेट फंडों के भी कई प्रकार होते हैं; जिनमें सरकारी बॉन्ड, कॉर्पोरेट बॉन्ड और म्यूचुअल फंड बॉन्ड शामिल हैं।

सरकारी बॉन्ड गवर्नमेंट द्वारा जारी किए जाते हैं; जबकि कॉर्पोरेट बॉन्ड प्राइवेट बिजनेस द्वारा जारी किए जाते हैं; वहीं म्यूचुअल फंड बॉन्ड दूसरे म्यूचुअल फंड द्वारा जारी किए जाते हैं; डेट फंड आमतौर पर कम रिस्क और कम रिटर्न के साथ बंधे होते हैं।

तीसरा – मिक्स्ड फंड – यह फंड इक्विटी और डेट दोनों फंडों में निवेश करते हैं; बाकी फंडों की तरह मिक्स्ड फंड के भी कई प्रकार होते हैं; जिनमें इंडेक्स फंड, एक्टिव रूप से मैनेज्ड फंड और इक्विटी-डेट फंड शामिल हैं।

इंडेक्स फंड एक निश्चित बाजार इंडेक्स का अनुसरण करता है; जबकि एक्टिव रूप से मैनेज्ड फंड अपने निवेशकों को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए अन्य इंडेक्स को हराने की कोशिश करते हैं। 

इक्विटी-डेट फंड इक्विटी और डेट के बीच अलग-अलग अनुपातों में निवेश करते हैं; जबकि मिक्स्ड फंड आमतौर पर कम रिस्क और‌ कम रिटर्न के साथ जुड़े होते हैं।

चौथा – स्पेशल फंड – यह फंड एक विषेश क्षेत्र या उद्योग में निवेश करता है; इस स्पेशल फंड के भी कई प्रकार होते हैं; जिनमें क्षेत्रीय फंड, उद्योग फंड और थीम फंड शामिल हैं। 

क्षेत्रीय फंड एक विशेष क्षेत्र, जैसे कि संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोप या एशिया में निवेश करते हैं; जबकि उद्योग फंड एक विषेश उद्योग, जैसे कि टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य सेवा या फाइनेंस में निवेश करता है;

वहीं अगर थीम फंड की बात की जाए; तो यह जलवायु परिवर्तन या बुढ़ापे की देखभाल में निवेश करता है; यह स्पेशल फंड आमतौर पर हाई रिस्क और हाई रिटर्न के साथ जुड़े होते हैं।

आप याद रखिएगा – म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए फाइनेंशियल लक्ष्यों को प्राप्त करने का एक शक्तिशाली उपकरण हो सकता है।

फिर भी निवेशकों यही सलाह दी जाती है कि निवेश करने से पहले निवेशकों को अपने जोखिम सहनशीलता और निवेश करने के लक्ष्य के लिए सबसे सही फंड चुनने के लिए सावधानीपूर्वक रिसर्च करनी चाहिए।

म्यूचुअल फंड में निवेश करने के क्या फायदे हैं, चलिए जानते हैं –

म्यूचुअल फंड में निवेश करने के एक नहीं कई फायदे हैं; चलिए एक-एक कर उन सभी फायदों के बारे‌ में जानते‌ हैं –

  • पहला फायदा – बचत करने में आसानी होती है – म्यूचुअल फंड निवेशक नियमित रूप से अपने निवेश में राशि का योगदान करके अपने बचत को आसान बना सकते हैं; इस बचत करने के तरीके को सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के रूप में जाना जाता है।
  • दूसरा फायदा – टैक्स में बचत होती है- म्यूचुअल फंड निवेशकों को टैक्स छूट करने का दावा करने का अवसर मिल सकता है; जैसे कि लाँग टर्म कैपिटल लाभ टैक्स छूट।
  • तीसरा फायदा – निवेश पर उच्च रिटर्न मिलता है – म्यूचुअल फंड हाई रिटर्न प्रदान कर सकते हैं, लेकिन यह जरूर याद रखिएगा कि‌ हर एक निवेश में रिस्क जरूर होता है; इसलिए हर एक निवेशक को अपने जोखिम सहनशीलता के साथ-साथ अपने निवेश लक्ष्यों के बारे में जरूर सोचना चाहिए।

सबसे बेस्ट म्यूचुअल फंड कौन सा है?

यह एक बहुत ही साधारण प्रश्न है; लेकिन इसका कोई आसान उत्तर नहीं है। निवेश करने के लिए सबसे अच्छा Mutual fund आपके विशेष फाइनेंशियल टार्गेट्स, रिस्क लेने की क्षमता और निवेश करने की योग्यता के आधार पर निर्धारित किया जाता है।

फिर भी, यहाँ कुछ जरुरी सुझाव दिए जा रहे हैं; जिनका अनुसरण करने से आपको निवेश करने के लिए सबसे अच्छा Mutual fund खोजने में मदद मिलेगी। 

सबसे पहले आप अपने फाइनेंशियल टार्गेट्स पर विचार करें; क्या आप अपने पैसे को बहुत कम समय में बढ़ाना चाहते हैं; जैसे कि एक साल या दो साल में? या क्या आप लंबे समय में पैसा बनाने की कोशिश कर रहे हैं; जैसे कि दस या बीस साल में?

एक बार जब आप अपने फाइनेंशियल टार्गेट्स को निर्धारित लेते हैं; तो आप अपने रिस्क उठाने की क्षमता पर विचार कर सकते हैं; क्या आप रिस्क लेने के लिए तैयार हैं, या क्या आप ज्यादा सुरक्षित निवेश की खोज कर रहे हैं?

इसके बाद आप अपने निवेश करने की रणनीति पर विचार करें; क्या आप अपने पैसे को निकट भविष्य में उपयोग करने का प्लान बना रहे हैं, या क्या आप इसे लंबे समय के लिए निवेश करने का प्लान बना रहे हैं?

इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए यहां कुछ Mutual fund के बारे में बताए जा रहे हैं जो आपके लिए उचित हो सकते हैं:

  • शॉर्ट-टर्म में निवेश के लिए: लिक्विड फंड या डेट फंड का चुनाव करें।
  • लॉंग-टर्म निवेश के लिए: इक्विटी फंड या हाइब्रिड फंड का चुनाव कर सकते हैं। 

अगर आप कम रिस्क लेने के लिए तैयार हैं, तो आप लिक्विड फंड या डेट फंड में निवेश कर सकते हैं; ये फंड आम तौर पर कम रिस्क वाले होते हैं; और कम रिटर्न भी देते हैं।

अगर आप अधिक रिस्क लेने के लिए तैयार हैं, तो आप इक्विटी फंड में निवेश कर सकते हैं। ये फंड आम तौर पर अधिक जोखिम वाले होते हैं, लेकिन हाँ अधिक रिटर्न भी देते हैं।

अगर आप अलग-अलग जगह पर निवेश करना चाहते हैं, तो आप हाइब्रिड फंड में निवेश कर सकते हैं; यह फंड इक्विटी और डेट दोनों में निवेश करते हैं; जिससे आपके निवेश में होने वाला रिस्क कम हो जाता है।

यह याद रखना बहुत जरूरी है कि कोई भी निवेश बिना रिस्क के प्रॉफिट नहीं देता है; म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय आपको अपने फाइनेंशियल लक्ष्यों, रिस्क उठाने की क्षमता और निवेश क्षेत्र के बारे में सावधानीपूर्वक विचार करना महत्वपूर्ण है।

यहां कुछ और सुझाव दिए जा रहे हैं; जो आपको अपने लिए सबसे अच्छा Mutual fund का चुनाव करने में मदद कर सकते हैं –

  • हर तरह के म्यूचुअल फंड की तुलना करें; अलग-अलग फंड के परफॉरमेंस, फीस और रिस्क की तुलना करके; आप यह निर्धारित कर सकते हैं कि निवेश करने के लिए कौन-सा म्यूचुअल फंड आपके लिए सबसे अच्छा हो सकता है।
  • एक फाइनेंशियल सलाहकार से परामर्श लें – एक फाइनेंशियल सलाहकार आपके विषेश परिस्थितियों के आधार पर आपके लिए सबसे अच्छा म्यूचुअल फंड के बारे में सलाह दे सकते हैं।

इसे भी पढ़ें : वॉरेन बफेट की निवेश रणनीति – Warren Buffett Investment Strategy

म्यूचुअल फंड मुख्य रुप से कितने प्रकार के होते हैं?

आपकी जानकारी के लिए मैं आपको बताना चाहूँगा कि म्यूचुअल फंड मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं; पहला “इक्विटी फंड, डेट फंड और हाइब्रिड फंड”।

हमें किस तरह के म्यूचुअल फंड का चुनाव करना चाहिए?

म्यूचुअल फंड का चुनाव आपके निवेश लक्ष्यों, जोखिम लेने की सहनशीलता और निवेश करने की अवधि पर डिपेंड करता है।

म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले क्या करना चाहिए?

म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले आपको अपने निवेश लक्ष्यों और जोखिम लेने की क्षमता को अच्छे से समझना होगा; इसके साथ ही आप अलग-अलग म्यूचुअल फंड प्लान की तुलना करें; फंड के ट्रैक रिकॉर्ड, चार्ज के बारे में पता करें।

म्यूचुअल फंड में निवेश करने के फायदे क्या हैं?

म्यूचुअल फंड में निवेश करने के एक नहीं कई फायदे हैं; जैसे, प्रोफेशनल मैनेजमेंट के साथ एक फंड में कई सिक्योरिटीज में निवेश करके जोखिम को कम कर सकते हैं; 
इसके साथ ही आप किसी भी समय निवेश कर सकते हैं या निवेश से बाहर निकाल सकते हैं; यहाँ आपकी जरूरतों के हिसाब से फंड मौजूद रहते हैं।

Leave a Comment