बेस्ट म्यूचुअल फंड कंपनी कौन-सी हैं?

बेस्ट म्यूचुअल फंड कंपनी वह है; जो आपके खास निवेश लक्ष्यों और जोखिम लेने की सहनशीलता के लिए सबसे अच्छा हो; इंडिया में कई तरह की अच्छी म्यूचुअल फंड कंपनियां हैं, जिनके बारे में आप ज्यादा से ज्यादा रिसर्च करके;

आप यह तय कर सकते हैं कि म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए कौन सी कंपनी अच्छी है; और कौन-सी नहीं?

बेस्ट म्यूचुअल फंड कंपनी कौन-सी हैं?

बेस्ट म्यूचुअल फंड कंपनी चुनने के लिए क्या करें –

  • कंपनी का पिछला परफॉरमेंस देखें: निवेश करने से पहले आपको इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि कंपनी की म्यूचुअल फंड योजनाओं का परफॉरमेंस कैसे रहा है? क्या वे अपने संबंधित श्रेणियों में कंपटीशन करते हैं?
  • विविधता: कंपनी किस तरह की म्यूचुअल फंड योजनाएं प्रदान करती है? क्या आपके निवेश लक्ष्यों और रिस्क लेने की सहनशीलता के लिए पर्याप्त विविधता है‌ कि नहीं?
  • फीस: आपको निवेश करने से पहले यह ध्यान देना चाहिए कि कंपनी की म्यूचुअल फंड योजनाओं की लागत क्या है? क्या वे प्रतिस्पर्धी हैं?
  • सेवाओं और समर्थन के बारे में जरूर जानें: कंपनी क्या सेवाएं और समर्थन प्रदान करती है? क्या वे आपके लिए उचित हैं या नहीं?

इंडिया में कुछ सबसे लोकप्रिय म्यूचुअल फंड कंपनियां कुछ इस प्रकार हैं:

  • एचडीएफसी म्यूचुअल फंड
  • आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड
  • टाटा म्यूचुअल फंड
  • एक्सिस म्यूचुअल फंड
  • एप्पल म्यूचुअल फंड

ये सभी कंपनियां इंडिया में अच्छी प्रतिष्ठा रखती हैं; और हर तरह की म्यूचुअल फंड योजनाएं प्रदान करती हैं; फिर भी निवेश करने से पहले आपको यह जान लेना चाहिए कि प्रत्येक कंपनी की अपनी ताकत और कमजोरियां होती हैं;

इसलिए निवेश करने से पहले कंपनी के बारे में अच्छी तरह से रिसर्च करना और सही विकल्प चुनना दोनों बहुत जरूरी है। 

यहां कुछ टिप्स दी गई हैं; जो आपको बेस्ट म्यूचुअल फंड कंपनी (Best Mutual Fund Company) चुनने में मदद कर सकती हैं:

  • निवेश करते समय अलग-अलग कंपनियों और योजनाओं की तुलना जरूर करें – अलग-अलग कंपनियों और योजनाओं के परफॉरमेंस इतिहास, फीस और अन्य कारकों की तुलना करें।
  • अपने निवेश लक्ष्यों और जोखिम लेने की सहनशीलता पर विचार अवश्य करें – आपको ऐसी कंपनी और योजना चुनने की जरूरत है; जो आपके निवेश लक्ष्यों को पूरा करे और आपकी रिस्क लेने की सहनशीलता के लिए सही हो।
  • निवेश करते समय सलाह जरूर लें – अगर म्युचुअल फंड में निवेश करने का मन बना चुके हैं; तो आपको किसी फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लेनी चाहिए; क्योंकि यह सलाह आपकी अपने विशिष्ट परिस्थितियों के लिए सही विकल्प चुनने में मदद करेगा।

आप यह याद रखिएगा – बेस्ट म्यूचुअल फंड कंपनी चुनने में समय और प्रयास दोनों लगता है; और यह सच है कि सही विकल्प चुनकर; आप अपने निवेश लक्ष्यों को प्राप्त करने की अपनी संभावनाओं को बढ़ा लेते हैं।

म्युचुअल फंड में निवेश करने का सही समय क्या है?

भविष्य‌ में आपको आर्थिक‌ समस्या का सामना न करना‌ पड़े; इसके लिए जरूरी है कि आपको समय पर बचत करना शुरू कर देना चाहिए; सही समय पर बचत करने के साथ आपको यह भी ध्यान देना है कि आपकी मेहनत की कमाई कहाँ और किस तरह से इंवेस्ट किया‌ जा रहा है;

अगर निवेश करते‌ समय आपकी स्ट्रेटेजी सही‌ है; तो आपकी मेहनत की कमाई दिन-दूनी रात चौगुनी बढ़ती जाएगी; और आपको भविष्य में‌ होने वाली आर्थिक समस्या से बचा लेगी। 

यदि आप अपने बचाए हुए पैसे को म्यूचुअल फंड्स के जरिए निवेश करने के बारे‌ में सोच रहे हैं; तो आप इसमें ज्यादा समय न लें; आगे बढ़ें और निवेश करें; 

लेकिन रुक जाइए; निवेश करने से पहले आपको यह जानकारी होनी चाहिए कि म्यूचुअल फंड्स में निवेश का सही समय क्या है और इसमें एसआईपी के जरिए निवेश करने के क्या फायदे हैं;

तो चलिए सबसे पहले यह जान लेते हैं कि म्यूचुअल फंड्स में निवेश का सही समय क्या है –

आप को यह जानकर खुशी होगी – म्युचुअल फंड्स में निवेश करने का कोई सही या गलत समय नहीं है। लेकिन निवेश करने से पहले इस पोस्ट में बताई गई कुछ बातों पर आपको ध्यान देने‌ की‌ जरूरत है –

पहली बात – पैसे बनाने के लक्ष्य को निर्धारित करें – आप अपने निवेश से क्या हासिल करना चाहते हैं? क्या आप लंबे समय के लिए धन बचा रहे हैं, या क्या आपको एक खास लक्ष्य, जैसे कि घर खरीदना या रिटायरमेंट के लिए बचत करना है?

दूसरी बात – रिस्क लेने की क्षमता को पहचानें – आप कितना रिस्क लेने के लिए तैयार हैं? इक्विटी म्यूचुअल फंड आम तौर पर डेट म्यूचुअल फंड की तुलना में अधिक रिस्क वाले होते हैं; क्योंकि यहाँ शेयरों में निवेश किया जाता है।

तीसरी बात – अपने निवेश‌ करने के समय सीमा को निर्धारित करें – आप अपने निवेश को कितने समय तक रखना चाहते हैं? इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश करने का सबसे अच्छा समय लंबे समय के लिए होता है, क्योंकि यह उतार-चढ़ाव को कम करने में मदद करता है।

इन महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान देने के बाद, आप यह तय कर पाएंगे कि आपके लिए म्युचुअल फंड में निवेश करना सही है या नहीं। 

यदि आप इस बारे में निर्णय ले चुके हैं कि आप कहीं और नहीं सिर्फ म्युचुअल फंड में‌ ही निवेश करेंगे; तो अब आपको एक ऐसा फंड चुनने की जरूरत है जो आपके पैसे बनाने के लक्ष्य, रिस्क लेने की क्षमता और समय सीमा के लिए उपयुक्त हो।

यहां कुछ जरुरी सुझाव दिए जा रहे हैं; जिन्हें आप ध्यान से सुनिए; क्योंकि ये सुझाव आपको म्युचुअल फंड में निवेश करने में मदद करेंगे – 

  • आप अपने पैसे बनाने के लक्ष्य और रिस्क लेने की क्षमता के अनुसार एक फंड चुनें।
  • कई अलग-अलग फंडों की तुलना करें और उनके बारे में रिसर्च करें।
  • नियमित रूप से अपने निवेश की रिव्यू करें और आवश्यकतानुसार एडजस्टमेंट करें।

वर्तमान समय में; शेयर मार्केट में थोड़ी उथल-पुथल चल रही है; लेकिन अगर आप लंबी अवधि में निवेश कर रहे हैं; तो आपको शेयर मार्केट में चल रहे उतार-चढ़ाव से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता‌ है;‌

आपको लंबी अवधि में किए गए निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने‌ की 99 परसेंट संभावना रहती है; यदि आप लंबी अवधि के लिए निवेश करने के लिए तैयार हैं, तो आपके लिए म्युचुअल फंड में निवेश करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

इस बात को हमेशा याद रखिएगा – एक साथ फंड में निवेश न करें –

आप तो यह जान गए कि म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने के लिए कोई निर्धारित समय नहीं होता है; जब भी आपका मन निवेश करने के लिए कहे; आप निवेश कर सकते हैं। 

लेकिन आपका निवेश आपके पैसे बनाने‌ के लक्ष्य पर डिपेंड करता है; ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के फाउंडर पंकज मठपाल के अनुसार अगर आप लंबे समय के लिए निवेश करने का प्लान बना रहें हैं; तो डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड चुन सकते हैं; क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर है तो एक साथ पूरे‌ पैसे न लगाएं; बल्कि पैसे को टुकड़ों में निवेश करें।

चलिए जान लेते हैं – म्यूचुअल फंड्स में SIP में जरिए निवेश करने के क्या फायदे हैं – 

यदि आप लंबे समय के लिए SIP के जरिए निवेश कर रहे हैं; आपको कम्‍पाउंडिंग के आधार पर अच्छा रिटर्न मिलेगा; क्योंकि आपकी SIP जितने लंबे समय के लिए होगी; कम्‍पाउंडिंग से रिटर्न भी उतना ही ज्यादा मिलेगा।

आपको यह जानकर खुशी होगी कि SIP के जरिए लंबी अवधि में किए निवेश पर जो रिटर्न मिलता है, उस पर भी कम्पाउंडिंग के जरिए रिटर्न मिलेगा; मतलब ब्याज पर ब्याज।

SIP निवेश करने का वह तरीका है; जिससे बचत की आदत हो जाती है; क्योंकि इसमें आपके द्वारा निर्धारित किए गए समय में पैसा निवेश करना होता है; ऐसे में आपकी खर्च कम होती है और निवेश के लिए रकम बचती है. इससे आप अनुशासित बचत करते हैं.

आप याद रखिएगा – SIP में निवेश करने के लिए कोई तय समय या रकम नहीं है; आप अपने सुविधानुसार निवेश करने का समय और रकम तय कर सकते हैं; सबसे जरुरी बात यह है कि SIP को जब चाहें रोक या बंद कर सकते हैं; और जरूरत के हिसाब से SIP की रकम की निकासी भी आसानी से कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें : म्युचुअल फंड में निवेश करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?

क्या हर कंपनी के सभी फंड्स अच्छे होते हैं?

ऐसा बिल्कुल नहीं है; हर एक कंपनी की अलग-अलग फंड स्कीम का परफॉरमेंस अलग-अलग होता है; इसलिए आप कंपनी के फंड स्कीम पर भरोसा करने से अच्छा यह है कि आप उस स्कीम के बारे में अच्छी तरह से रिसर्च करें; फिर निवेश करें।

म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने का न्यूनतम राशि क्या है?

कुछ म्यूचुअल फंड्स ऐसे भी होते हैं; जिनमें आप SIP के माध्यम से मात्र 500 रुपये से निवेश की शुरूआत कर सकते हैं।

क्या म्यूचुअल फंड्स में निवेश कितना सुरक्षित है?

कोई भी निवेश 100% सुरक्षित नहीं होता है; इसलिए अगर आप म्यूचुअल फंड्स में निवेश कर रहे हैं; तो आप यह मानकर चलिए कि इसमें भी जोखिम की‌ संभावना है।

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